Ganesh chturthi wishes Kavita shayari

गणेशा है नाम, बच्चों के ज़ुबान ।
सबके विघ्न हरता, विघ्न हरता है नाम ।।
बच्चों का होता है, हाँ ये सान ।
बड़े भी करते है, इनका सम्मान ।।


दुष्टों का संघार किया, अपने हाँ वार से ।
दुष्ट भी डरने लगे, इसके आकार से ।।
कहानी है इसकी, कुछ इस प्रकार से ।
 राक्षस भी मूषक, बने इनके प्रताड़ से ।।


गणराज,गणपति,लम्बोदर नाम है ।
सबसे अलग, इनका आवाम है ।।
लो नाम इनका जब भी, कोई काम है ।
प्राण जाय वचन न, इनका तकियाकलाम है ।।


गौरी का है ये, ये नन्द लाला ।
आगे है ये, पीछे जग सारा ।।
समय आये तुम्हारा, जब हाँ काला ।
गणपति बप्पा का लगवो तुम नारा ।।


गणराज-गणराज, हाँ ये गणराज है ।
लंबे है सूढ़ और सिर पर हाँ ताज है ।।
दुष्टों करता हाँ, ये सर्वनाश है ।
सबसे अलग और सबसे हाँ खास है ।।


आप सभी को गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं ।
गणपति बप्पा मौर्या, अगले बरष तू जल्दी आ ।।




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