cnn money Kavita shayari

लोगों का सपना है , बस एक धन ।
इसकी ही चाह में , है ये मगन ।।
मारते है काटते , सारे हाँ जन ।
धन के चाह में , है ये लगन ।।


मरते है काटते है, होता है जंग ।
पैसे का होता है, ये सारा आतंक ।।
सबका होता है , ऐसा हाँ मन ।
काश होता हमारा भी, one million ।।


पैसे के चाह में हां, करते हां चोरी ।
हाथों में रखते हैं, धारदार हाँ छूरी ।।
क्योंकि पैसो से ही चलता है, दुनिया सारी पूरी ।
जो बात है, हमारे लिए बहुत बुरी ।।


ये पैसे नामक, श्राप है ।
जो दुनिया कर रहा, खाक है ।।
जो हम पर, इतना बड़ा joke है ।
इससे ही होता हैं, सारा ये पाप है।।


कोई क़ैद करो इसे, चार दीवारी अंदर में ।
दुनिया बदल रहा , प्रजाति हाँ बंदर में ।।
डर रहा सारा धन, अपने pocket अन्दर में ।
दुनिया तब्दील हो रही , nature से खंडर में ।।




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