Tax poetry books Kavita/shayari

ये Tax भी, एक प्रकार की बीमारी है ।
जिसको लग, उसके मुँह पे गाली है ।।
और जिसको न हो, ये वाली बीमारी है ।
दुआ करता फिर रहा, अल्लाह दे दे इक बारी है ।।


Tax एक monster है, अमीरो के लिए ।
गरीब बोल रहा, तू हमें तो मिले ।।
तुझे देख हमें, खुशी तो मिले ।
अमीरों के हो रखा हैं, चहरे पीले ।।


काला है ये धन, तूने बनाया ।
जबसे से है तूने, न tax पटाया ।।
Teacher ने तेरे, यही सिखाया ?
सरकार का पैसा है, हाँ तूने है खाया ।।


कहते है लालच है, बुरी बला ।
जिस राह में है, तू हाँ चला ।।
निकलना है मुश्किल, तेरा भला ।
कहाँ से सीखा है तूने ये, कला।।


न कर गदरी तू ,अपने ही घर में ।
खुदसे से मार रहा, हथौड़ा हाँ सर में ।।
जनता का फर्ज है, देना हाँ कर ये ।
मौका है अभी हाँ, साथ चल ले ।।





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