Exam paper Kavita Shayari

Exam ने कहा मैं फिर आ रहा एक बार ।
कमर कस लो, हो जाओ तुम तैयार ।।
Question हैं मेरे , विभिन्न प्रकार ।
सही जवाब का मिलेगा उपहार ।।


मैं हूँ तुम्हारा, paper of maths ।
Solve कर दो, तुम मेरा भी ये केस ।।
Boost your brain and solve that ।
After than you , you top the race ।।


मैं हूँ आपका,  myself  विज्ञान ।
मैं हूँ तुम्हारा , छोटा सा मेहमान ।।
शायद आप मुझे , लोगे पहचान ।
मेरे ही questions से होते तुम परेशान ।।


मैं नाम का history हूँ, अभी भी हूँ शान से ।
मैं जिंदा हूँ मोहनजोदड़ो, अकबर के जान से ।।
जिसने दिया है , फिर से नई प्राण है ।
उनका जी हाँ Exam paper नाम है ।।






Post a Comment

0 Comments